Google Cloud Outage:-
कुछ दिन पहले OpenAI का ChatGPT वैश्विक स्तर पर कई घंटों तक डाउन रहा था, जिससे उपयोगकर्ता परेशान हो गए थे। ठीक इसी तरह, 12 जून 2025 को Google Cloud की सेवाएं भी भारी बाधा का सामना कर रही थीं। हालांकि अब गूगल ने पुष्टि की है कि सभी सेवाएं पूरी तरह से बहाल हो चुकी हैं।
कई घंटों तक ठप रही Google की सेवाएं
गूगल क्लाउड (Google Cloud) की सेवाएं 12 जून को कई घंटों तक ठप रहीं, जिससे न केवल गूगल की प्रमुख सेवाएं प्रभावित हुईं, बल्कि उन तीसरी पार्टी प्लेटफ़ॉर्म पर भी असर पड़ा जो गूगल क्लाउड पर निर्भर हैं। यह आउटेज Google के IAM (Identity and Access Management) सिस्टम की विफलता के कारण हुआ।
गूगल क्लाउड की स्थिति अपडेट के अनुसार, समस्याएं 12 जून को सुबह 10:51 बजे (PDT समयानुसार) देखी गईं और यह तब तक जारी रहीं जब तक कि सभी सेवाएं पूरी तरह से शाम 6:18 बजे (PDT) तक बहाल नहीं हो गईं। यह आउटेज व्यापक था और मुंबई तथा दिल्ली सहित दुनियाभर के कई शहरों को प्रभावित किया।
गूगल ने एक आधिकारिक स्टेटमेंट में कहा,
“हमारे इंजीनियरों ने कारण की पहचान कर ली है और समय पर उपयुक्त समाधान लागू किए। अब सभी सेवाएं पूरी तरह बहाल हो चुकी हैं।“
किन-किन सेवाओं पर पड़ा असर?
इस बड़े स्तर की रुकावट से गूगल की कई लोकप्रिय सेवाएं प्रभावित हुईं, जिनमें शामिल हैं:
- Google Search
- Gmail
- Google Drive
- Google Meet
- Google Calendar
- Google Lens
इसके अलावा, Spotify, Discord, Fubo, और Twitch जैसी लोकप्रिय सेवाएं भी बाधित रहीं क्योंकि ये गूगल क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर पर आधारित हैं।
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दुनियाभर में उपयोगकर्ता हुए प्रभावित
यह आउटेज 12 जून की सुबह शुरू हुआ और कुछ ही घंटों में पूरे विश्व से हजारों शिकायतें Downdetector जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स पर दर्ज होने लगीं। कई व्यवसाय और उपयोगकर्ता जो Google की सेवाओं पर निर्भर हैं, उन्हें संचार, सहयोग और मनोरंजन के मोर्चे पर बाधाओं का सामना करना पड़ा।
Google ने बताई मुख्य तकनीकी विफलता
गूगल के अनुसार, यह समस्या IAM (Identity and Access Management) के एक हिस्से की मिसकन्फ़िगरेशन (गलत सेटिंग) के कारण शुरू हुई। यह विफलता एक श्रृंखलाबद्ध तकनीकी समस्या का कारण बनी, जिससे गूगल की अनेक सेवाएं एक साथ ठप हो गईं।
Google Cloud ने कहा:
“हम एक व्यापक जांच कर रहे हैं और बहुत जल्द इस पूरी घटना की डिटेल्ड रिपोर्ट (Postmortem Analysis) सार्वजनिक करेंगे।”
कोई साइबर अटैक नहीं – अभी पुष्टि नहीं
अब तक इस आउटेज और इंटरनेट रुकावट का किसी साइबर हमले (Cyberattack) से कोई सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है। हालांकि Downdetector पर उपयोगकर्ताओं की शिकायतों में भारी उछाल देखा गया, जिससे सोशल मीडिया और न्यूज प्लेटफॉर्म्स पर हलचल मच गई।
AP की रिपोर्ट के अनुसार, Spotify पर आउटेज का असर सबसे ज्यादा देखा गया, जिसका ट्रैफिक अमेरिकी समय के अनुसार दोपहर 3 बजे चरम पर पहुंचा, हालांकि बाद में कई उपयोगकर्ताओं की पहुंच बहाल हो गई थी।
इस घटना से क्या सीख मिली?
यह आउटेज एक बार फिर यह दर्शाता है कि व्यवसाय और उपभोक्ता अब कुछ गिनी-चुनी टेक कंपनियों पर बहुत अधिक निर्भर हो गए हैं। साथ ही यह भी ज़रूरी है कि ऐसी कंपनियां मजबूत बैकअप और रिस्पॉन्स सिस्टम बनाएं ताकि भविष्य में इस तरह की तकनीकी विफलताओं का प्रभाव कम हो।
आगे क्या?
गूगल ने वादा किया है कि वह इस समस्या पर भीतर से विस्तृत विश्लेषण करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुधार करेगा।
जबकि सेवाएं अब सामान्य हो गई हैं, यह घटना तकनीकी दुनिया को यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमारी डिजिटल निर्भरता कितनी संवेदनशील है, और हमें किस तरह से विकल्प और सुरक्षा प्रणाली तैयार करनी चाहिए।