पूरक बजट 2025-26: उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एक पूरक बजट पेश किया है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में विकास और जन कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में ‘ज्ञान’ (GYAN), ‘नमो बजट’ और ‘इकोलॉजी एवं इकोनॉमी’ जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है।
ज्ञान (GYAN) – युवाओं, महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाने की पहल
- युवा सशक्तिकरण: युवाओं को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा और खेल पर महत्वपूर्ण राशि आवंटित की गई है। पंतनगर यूनिवर्सिटी को राजस्व मद में ₹23 करोड़ और पूंजीगत मद में ₹10 करोड़ दिए गए हैं। शिक्षण सामग्री और मुफ्त पाठ्यपुस्तकों के लिए ₹20 करोड़, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार के लिए ₹18 करोड़ और प्रशिक्षण शिविरों के लिए ₹6 करोड़ का प्रावधान है।
- नारी शक्ति: कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास के निर्माण हेतु ₹89.76 करोड़, चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए ₹50 करोड़, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत ₹17.52 करोड़ और मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के लिए ₹10 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- अन्नदाता (किसान): किसानों के कल्याण के लिए, मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के लिए ₹10 करोड़, साइलेज एवं दुधारू पशु पोषण योजना के लिए ₹10 करोड़, मिलेट मिशन के लिए ₹8 करोड़, गौ सदन निर्माण के लिए ₹5 करोड़ और चाय विकास योजना के लिए ₹3 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
नमो बजट – नवाचार, विरासत और आत्मनिर्भरता की दिशा में
- नवाचार: अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए ₹79 करोड़, पेयजल योजनाओं में सौर पैनलों के लिए ₹25 करोड़, और राजस्व उप निरीक्षकों और निरीक्षकों को लैपटॉप और इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिए ₹5 करोड़ का आवंटन किया गया है।
- महान विरासत: राज्य की समृद्ध विरासत को बढ़ावा देने के लिए, आगामी कुंभ मेले में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹200 करोड़, नंदा राजजात यात्रा के लिए ₹50 करोड़, शारदा रिवर फ्रंट योजना के लिए ₹50 करोड़, और हरिद्वार को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के लिए ₹50 करोड़ का प्रावधान है।
- आत्मनिर्भर उत्तराखंड: आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए, रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड के लिए ₹925 करोड़, पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए ₹188.55 करोड़, और शहरी बुनियादी ढांचा विकास योजनाओं के लिए ₹90 करोड़ सहित विभिन्न परियोजनाओं के लिए बड़ी राशि आवंटित की गई है।
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इकोलॉजी एवं इकोनॉमी
पर्यावरण और आपदा प्रबंधन: जोशीमठ और अन्य भूस्खलन-प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए ₹263.94 करोड़, राष्ट्रीय हिमनद झील विस्फोट बाढ़ (GLOF) के जोखिम को कम करने के लिए ₹23.66 करोड़, और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए ₹15-15 करोड़ का आवंटन किया गया है।
प्रमुख आर्थिक बिंदु
पूरक बजट 2025-26 में, राज्य ने FRBM अधिनियम का अनुपालन किया है, जिसमें राजस्व अधिशेष, राजकोषीय घाटा (जीएसडीपी के 3% की सीमा के भीतर), और लोक ऋण (जीएसडीपी के 32.5% की सीमा के भीतर) सभी निर्धारित सीमाओं के भीतर हैं।
यह पूरक बजट उत्तराखंड को विकास की राह पर ले जाने, समाज के विभिन्न वर्गों को सशक्त बनाने और राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।