देहरादून: उत्तराखण्ड सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) नियमावली, 2024 के तहत विवाह पंजीकरण की समय सीमा को बढ़ा दिया है। अब ऐसे सभी नागरिक, जिनका विवाह इस संहिता के लागू होने से पहले हुआ था और जिनका पंजीकरण अभी तक नहीं हो पाया है, वे 26 जनवरी 2026 तक अपना विवाह निःशुल्क पंजीकृत करा सकते हैं।
राज्य के गृह अनुभाग-5 द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना है। पहले विवाह पंजीकरण के लिए निर्धारित शुल्क ₹250 था। इस नई छूट के तहत, नागरिक किसी भी सीएससी (CSC) केंद्र पर जाकर केवल ₹50 (जीएसटी सहित) का शुल्क देकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। यह शुल्क केवल सेवा प्रभार के रूप में लिया जाएगा और पंजीकरण स्वयं निःशुल्क होगा।
यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जिनका विवाह संहिता लागू होने से पहले हो चुका था, चाहे वह पंजीकृत हो या न हो। इसके अतिरिक्त, जिन लोगों का विवाह निरस्त हो चुका है या तलाक की डिग्री प्राप्त हो चुकी है, वे भी इस प्रक्रिया का लाभ उठा सकते हैं।
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सरकार का यह निर्णय नागरिकों को कानूनी रूप से अपने विवाह को मान्यता देने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। इससे नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और कानूनी प्रक्रियाओं में लाभ मिल सकेगा।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि पूर्व में जारी अधिसूचना संख्या 104/XX(5)/25/03(10)2024-70795, दिनांक 27.01.2025 और अधिसूचना संख्या 785/XX(5)/25/03(10)2024-70461, दिनांक 06 जून 2025 में किए गए संशोधन के बाद, इस अवधि तक ये सभी अधिसूचनाएं मान्य रहेंगी। शेष सभी शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी।
राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस विस्तारित समय सीमा का लाभ उठाएं और 26 जनवरी 2026 से पहले अपने विवाह का पंजीकरण अवश्य करा लें।