फिल्म The Bengal Files रिलीज से पहले ही जबरदस्त विवादों में घिर गई है। शनिवार को इसका ट्रेलर लॉन्च इवेंट कोलकाता के एक फाइव-स्टार होटल में अचानक रोक दिया गया। निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने इसे “तानाशाही और फासीवाद” करार दिया और कहा कि यह साफ राजनीतिक दबाव का नतीजा है।
ट्रेलर लॉन्च पर रोक और विवाद की शुरुआत
फिल्म का ट्रेलर मूल रूप से कोलकाता के एक बड़े मल्टीप्लेक्स में रिलीज होना था, लेकिन शुक्रवार को अचानक इवेंट कैंसिल कर दिया गया। इसके बाद टीम ने होटल में लॉन्च करने का फैसला किया। शनिवार को जैसे ही स्क्रीनिंग शुरू हुई, पुलिस अधिकारियों ने बीच में ही रोक लगा दी।
विवेक अग्निहोत्री का आरोप है कि,
“CBFC से पास ट्रेलर को रोकना सीधी-सीधी अराजकता और तानाशाही है। हमारे पास सभी परमिशन थे। फिर भी इसे रोका गया, क्योंकि सत्ता पक्ष सच से डरता है।”
पुलिस और राजनीतिक दबाव
इवेंट में मौजूद मीडिया कैमरों ने कैद किया कि पुलिस ने न सिर्फ स्क्रीनिंग रोकी, बल्कि ट्रेलर चलाने वाला लैपटॉप भी जब्त कर लिया। अग्निहोत्री ने सीधे-सीधे कोलकाता पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया।
वहीं पुलिस अधिकारी ने मीडिया के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया और कहा कि इस मामले पर उनके “सीनियर्स” ही बोलेंगे।
और पढ़ें :-CBFC की कैंची चली War 2 पर, कियारा के सीन कट | रिलीज़ डेट, बदलाव और पूरी डिटेल
फिल्म की कहानी और सितारों की फौज
फिल्म The Bengal Files 5 सितंबर को रिलीज होने वाली है। इसे विवेक अग्निहोत्री ने लिखा और डायरेक्ट किया है। फिल्म की कहानी 1946 के डायरेक्ट-एक्शन डे और ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स पर आधारित है।
इसमें दिग्गज कलाकार शामिल हैं –
- मिथुन चक्रवर्ती
- अनुपम खेर
- पल्लवी जोशी
- दर्शन कुमार
अग्निहोत्री की पिछली फिल्म The Kashmir Files (2022) भी विवादों में रही थी और इस बार भी कुछ वैसा ही माहौल नजर आ रहा है।
राजनीतिक तूफान – TMC बनाम BJP
घटना ने बंगाल की राजनीति को भी हिला दिया है।
- बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने इसे “लोकतंत्र की मर्यादा तोड़ने वाला शर्मनाक कृत्य” बताया। उन्होंने कहा –
“सत्यजित रे की धरती पर फिल्मकारों को इस तरह अपमानित करना लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है।”
- वहीं टीएमसी प्रवक्ता देबांशु भट्टाचार्य ने पलटवार करते हुए कहा –
“लोग ऐसी फिल्मों में दिलचस्पी नहीं रखते। बीजेपी सिर्फ मीडिया में सुर्खियाँ बटोरने के लिए यह ड्रामा कर रही है।”
- टीएमसी नेता कुनाल घोष ने और तीखा बयान देते हुए कहा –
“विवेक अग्निहोत्री बीजेपी के पपेट हैं। अगर सच दिखाना चाहते हैं तो ‘गुजरात फाइल्स’ या ‘मणिपुर फाइल्स’ भी बनाएँ।”
विवेक अग्निहोत्री और पल्लवी जोशी का दर्द
इवेंट में मौजूद एक्ट्रेस और फिल्म की को-प्रोड्यूसर पल्लवी जोशी ने कहा –
“मेरी फिल्म को जिस तरह रोका गया, वह बेहद दुखद है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। यह हालात कश्मीर से भी बदतर लग रहे हैं।”
अग्निहोत्री ने यह भी आरोप लगाया कि होटल में किसी ने सभी तार काट दिए, ताकि ट्रेलर स्क्रीनिंग न हो सके। उन्होंने साफ कहा –
“अगर जरूरत पड़ी तो मैं सुप्रीम कोर्ट तक जाऊँगा। सच को दबाया नहीं जा सकता।”
कोर्ट और FIRs का मामला
कुछ दिन पहले ही निर्देशक ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने उनके खिलाफ कई FIR दर्ज कीं, लेकिन कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन पर रोक लगा दी। बावजूद इसके, उनका कहना है कि राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
क्या है असली मुद्दा?
फिल्म पर रोक, FIRs और राजनीतिक बयानों से साफ है कि The Bengal Files सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि राजनीतिक और वैचारिक टकराव का केंद्र बन चुकी है। एक तरफ बीजेपी इस मुद्दे को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ रही है, तो दूसरी ओर टीएमसी इसे “राजनीतिक प्रोपेगेंडा” बता रही है।
अब सबकी नजरें 5 सितंबर पर
अब देखना यह है कि 5 सितंबर को जब फिल्म रिलीज होगी, तो क्या इसे लेकर और विवाद होगा या यह दर्शकों तक बिना किसी रोक-टोक पहुंचेगी। लेकिन एक बात तय है – The Bengal Files ने रिलीज से पहले ही पूरा देश सुर्खियों में ले लिया है।