रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग जिले की तहसील बसुकेदार अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में देर रात बादल फटने की घटना से भारी तबाही हुई है। मलबा आने से कई क्षेत्रों में नुकसान की खबर है। जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं और टीमें युद्धस्तर पर प्रभावित इलाकों में जुटी हुई हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग, श्री प्रतीक जैन, आपदा कंट्रोल रूम से लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती कर राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
नुकसान की प्रारंभिक जानकारी
- स्यूर: एक मकान क्षतिग्रस्त, बोलेरो वाहन बह गया।
- बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी: गदेरे में पानी और मलबा आने से दोनों ओर का संपर्क बाधित।
- किमाणा: खेती की भूमि और सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर व मलबा जमा।
- अरखुण्ड: मछली तालाब और मुर्गी फार्म बह गए।
- छेनागाड़ बाजार: मलबा भर गया और कई वाहन बह गए।
- छेनागाड़ डुगर गांव: कुछ लोगों के गुमशुदा होने की सूचना।
- जौला बड़ेथ: कुछ लोगों के गुमशुदा होने की आशंका।
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राहत और बचाव कार्य
जिला आपदा कंट्रोल रूम में एनएच, पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई की टीमें समन्वय बनाकर मार्ग खोलने में जुटी हैं। प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिह्नित किया जा रहा है और राहत दलों को मौके पर भेजा जा रहा है।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर सक्रिय हैं। जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने कहा कि “प्रभावित क्षेत्रों में हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। सभी संबंधित विभाग मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में लगे हैं।”